अनफिट बसें गायब, डाटा नहीं निकाल पाया विभाग
भोपाल । गुना में हुए भीषण बस हादसे के सडक़ों पर उतरे परिवहन और पुलिस विभाग को अब अनफिट बसें नहीं मिल रहीं है। रोज-रोज होने वाली चेकिंग में कुछ बसें मिलीं, लेकिन अब गायब ही हो गईं। जिन रूटों पर परिवहन विभाग और पुलिस की चेकिंग चल रही है, हकीकत में वहां से अनफिट बसें निकल ही नहीं रहीं। वहीं हादसे के बाद सक्रिय होने का दावा करने वाला परिवहन विभाग खुद तीन दिन बाद तक यह डाटा नहीं निकाल सका कि कितनी बसें अनफिट, कितनी बिना बीमा व बिना टैक्स के चल रहीं हैं।
यह स्थिति तब है जब प्रदेश में परिवहन विभाग के पास वाहन-4 पोर्टल पर पूरा डाटा मौजूद है जो एक क्लिक से निकल सकता है। बता दें कि गुना बस हादसे के बाद से परिवहन और पुलिस विभाग की ओर से रोजाना कार्रवाई की जा रही हैं, जिसमें सबसे ज्यादा फोकस फिटनेस, बीमा व टैक्स को लेकर है। शासन की ओर से हादसे के बाद सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नियमों को तोडक़र चलने वाली बसों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और जो अधिकारी इसको लेकर बेपरवाह हैं उन पर भी कार्रवाई की जाए। परिवहन विभाग ने हादसे के तत्काल बाद ही दावा किया था कि प्रदेश के सभी आरटीओ को निर्देशित किया गया है कि अपने अपने जिलों में पोर्टल से अनफिट, गैर बीमा ऐसी बसों का डाटा निकाल तत्काल कार्रवाई करें। यह निर्देश जरूर जारी हुए लेकिन इसके बाद परिवहन अमला हरकत में नहीं आया, अभी तक डाटा नहीं निकाला गया है।
आपरेटरों का मुखबिर तंत्र भी सक्रिय
बस आपरेटरों का मुखबिर तंत्र भी सक्रिय है, खासकर गुना हादसे के बाद किस रूट पर परिवहन विभाग व पुलिस की चेकिंग चल रही है यह खबर पहले ही पहुंच जाती है। आपरेटर यह जानकारी मिलते ही ऐसी बसें जो अनफिट हैं या जिनका बीमा नहीं हैं, उन्हें समय से नहीं निकालते हैं। यहां सडक़ पर चेकिंग खत्म होने का इंतजार किया जाता है।
CG SIR: छत्तीसगढ़ में कटे 25 लाख वोटर्स के नाम, फाइनल वोटर लिस्ट जारी, जानें कैसे चेक करें अपना नाम
CG – चाकूबाजी से दहली न्यायधानी : इस दिग्गज कांग्रेस नेता के बेटे पर हुआ जानलेवा हमला, युवकों ने कई बार किया चाक़ू से वार
टोल प्लाजा पर अब नहीं चलेगा कैश, 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में भी लागू होगा नियम
ब्रेकिंग : पूर्व मंत्री कवासी लखमा बजट सत्र में होंगे शामिल, जानिए किन शर्तों का करना होगा पालन
फेल रही ट्रंप की टैरिफ नीति?: अमेरिका ने लगाया भारी शुल्क, फिर भी भारत से व्यापार घाटा 58.2 अरब डॉलर तक बढ़ा