स्लीपर बस में अचानक आग, यात्री हुए सुरक्षित बाहर
विदिशा। मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में शनिवार की अलसुबह एक बेहद भयानक सड़क हादसा होते-होते टल गया, जहां नेशनल हाईवे पर दौड़ती एक वातानुकूलित (एसी) स्लीपर कोच बस अचानक धू-धू कर जल उठी। सागर से इंदौर की तरफ जा रही इस यात्री बस में आग इतनी ज्यादा तेज और आक्रामक थी कि महज कुछ ही मिनटों के भीतर समूचा वाहन जलकर पूरी तरह से कंकाल में तब्दील हो गया। इस बेहद खौफनाक मंजर के बीच सबसे राहत और गनीमत की बात यह रही कि बस के चालक ने वक्त रहते सूझबूझ दिखाई और वाहन को रोककर उसमें सवार सभी मुसाफिरों को फौरन नीचे उतार दिया, जिससे कई कीमती जिंदगियां सुरक्षित बच गईं, हालांकि अफरा-तफरी के इस माहौल में यात्रियों का लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया।
चलती बस से अचानक उठने लगा धुएं का गुबार और मची चीख-पुकार
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना ग्यारसपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पीपलखेड़ा के नजदीक सुबह करीब पौने छह बजे घटित हुई। उस समय बस में सवार अधिकांश मुसाफिर गहरी नींद के आगोश में थे कि तभी अचानक केबिन और इंजन के पास से धुएं का भारी गुबार उठने लगा, जिसे देखकर यात्रियों के होश उड़ गए और पूरी बस के भीतर चीख-पुकार मच गई। खतरे को भांपते ही चालक ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी को हाईवे के किनारे लगा दिया, जिसके बाद बदहवास होकर यात्री खिड़की और दरवाजों से नीचे की तरफ कूदने लगे और देखते ही देखते पूरी बस आग के विशाल गोले में तब्दील हो गई।
रात में आई यांत्रिक खराबी और एसी सिस्टम बना हादसे की मुख्य आशंका
हादसे का शिकार हुए पीड़ित यात्रियों ने बाद में मौके पर पहुंची पुलिस को एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि सफर के दौरान रात को करीब ढाई से तीन बजे के बीच भी इस बस में अचानक कुछ यांत्रिक खराबी आई थी। उस समय बीच रास्ते में गाड़ी को रोककर कुछ देर के लिए सुधारा भी गया था और मुसाफिरों के मुताबिक बस का एसी सिस्टम भी ठीक से काम नहीं कर रहा था। कयास लगाए जा रहे हैं कि रात में की गई उसी आनन-फानन मरम्मत में कोई तकनीकी कसर रह गई या फिर एसी यूनिट में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से सुबह यह भीषण अग्निकांड हो गया।
मौके पर पहुंची ग्यारसपुर पुलिस और चालक-परिचालक की तलाश में जुटी टीमें
घटना की भयावहता की सूचना मिलते ही ग्यारसपुर थाना प्रभारी गोकुल प्रसाद अजनेरिया अपनी विशेष पुलिस टीम के साथ तुरंत दुर्घटनास्थल पर पहुंचे और मोर्चा संभाला। पुलिस के पहुंचने से पहले ही बस का चालक और परिचालक कानूनी कार्रवाई के डर से मौके से नदारद हो चुके थे, जिसके बाद पुलिस ने हाईवे पर फंसे और सहमे हुए यात्रियों को सांत्वना दी और उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए तुरंत दूसरी बसों का इंतजाम कर उन्हें रवाना किया। पुलिस प्रशासन ने अब संबंधित बस ट्रेवल्स कंपनी के मालिकों से संपर्क साधकर गाड़ी के फिटनेस दस्तावेज खंगालने और फरार स्टाफ की तलाश शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगा लंबा जाम और सुरक्षा मानकों पर खड़े हुए गंभीर सवाल
व्यस्ततम राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्री बस में लगी इस भीषण आग और आसमान छूती लपटों के कारण सड़क के दोनों तरफ वाहनों का लंबा जाम लग गया और दूर-दूर से धुएं का काला गुबार साफ देखा जा सकता था। इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी का सफर तय करने वाली निजी बसों की सुरक्षा, समय पर होने वाली तकनीकी जांच और उनकी फिटनेस व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और भुक्तभोगी यात्रियों का कहना है कि परिवहन विभाग को ऐसी लग्जरी बसों की समय-समय पर सघन चेकिंग करनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी निर्दोष की जान जोखिम में न पड़े।
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