जनता और अधिकारियों के बीच उठे सवाल, फैसले पर आलोचना
मध्य प्रदेश के भिंड जिले| के मेहगांव में आयोजित “संकल्प से समाधान” जनसमस्या निवारण शिविर में प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है. सरकारी कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला की अनुपस्थिति में अधिकारियों ने उनके बेटे आलोक शुक्ला को मुख्य भूमिका में रखते हुए हितग्राहियों को योजनाओं के प्रमाण पत्र वितरित करा दिए. इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं|
मंत्री की अनुपस्थिति में बदला निर्णय
बताया जा रहा है कि सोमवार को आयोजित इस शिविर में मुख्य अतिथि के तौर पर स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला को शामिल होना था, लेकिन वे कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके. ऐसी स्थिति में आमतौर पर जिम्मेदारी किसी अन्य अधिकृत जनप्रतिनिधि या वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी जाती है, मगर यहां अधिकारियों ने अलग फैसला लेते हुए मंत्री के बेटे को ही मंच पर बुला लिया|
राशिफल 15 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित
खरीफ पूर्व तैयारी : राजनांदगांव में खाद वितरण तेज, वैकल्पिक उर्वरकों की ओर बढ़ा किसानों का रुझान
सहकारिता मंत्री सारंग ने चांदबड़ में किया "संपर्क अभियान 2026" का शुभारंभ
राज्यमंत्री गौर शुक्रवार को करेंगी ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ का शुभारंभ, मप्र पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. कुसमरिया भी होंगे शामिल