बीजापुर में माओवादी हमला, सोसायटी संचालक की मौके पर ही मौत
बीजापुर: शांति वार्ता के लिए माओवादियों ने छह महीने का संघर्ष विराम घोषित किया था। इस दौरान उसूर थाना क्षेत्र के लिंगापुर में रात में कांग्रेस नेता और मरुदबाका सोसायटी संचालक नागा भंडारी के पिता उर्रा भंडारी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी गई। नागा मरुदबाका गांव का रहने वाला था, लेकिन माओवादियों के डर से कई सालों से उसूर में रह रहा था। सात महीने पहले माओवादियों ने नागा के भाई तिरुपति भंडारी की भी हत्या कर दी थी। नागा भंडारी एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने लिंगापुर गया था। देर रात करीब 11.30 बजे सादे कपड़ों में पांच से सात माओवादी गांव पहुंचे और नागा की हत्या कर फरार हो गए।
सूचना मिलने पर सोमवार सुबह पुलिस पार्टी मौके के लिए रवाना हुई। वह किसी काम से अपने गांव मरुदबाका गया था। वहां से वह लिंगापुर गया था। तभी नक्सलियों ने मौके का फायदा उठाकर धारदार हथियार से नागा पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। बताया जाता है कि करीब छह महीने पहले नागा भंडारी के छोटे भाई तिरुपति भंडारी की उसूर में एक सोसायटी के पास नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। दोनों भाई कांग्रेस पार्टी से जुड़े रहे हैं। पिछले पंचायत चुनाव में नागा ने सरपंच पद का चुनाव भी लड़ा था।
हरीश रावत के बयान पर चर्चा तेज: खुद को बताया ‘तांत्रिक’, कहा—मैं घमंडी हूं, जानें पूरा मामला
चुनावी सूची अपडेट का बड़ा खुलासा: 12 राज्यों में करोड़ों नाम हटे और जोड़े गए, कुल संख्या में बड़ी कमी
क्रिकेट से ज्यादा रिश्तों की चर्चा, वायरल हुआ पांड्या मोमेंट