एपल में नेतृत्व परिवर्तन, टिम कुक का इस्तीफा, जॉन टर्नस को जिम्मेदारी
कैलिफोर्निया। तकनीकी दुनिया की दिग्गज कंपनी 'एप्पल' (Apple) के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। स्टीव जॉब्स के बाद लगभग 15 वर्षों तक कंपनी का सफल नेतृत्व करने वाले टिम कुक अपने पद से इस्तीफा दे रहे हैं।
नए नेतृत्व का उदय और कुक की भूमिका
नए CEO: कंपनी के वर्तमान हार्डवेयर इंजीनियरिंग प्रमुख, जॉन टर्नस, 1 सितंबर से एप्पल के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में कार्यभार संभालेंगे।
टिम कुक का नया पद: 65 वर्षीय टिम कुक पूरी तरह सेवानिवृत्त नहीं होंगे। वह जेफ बेजोस की तर्ज पर कंपनी के कार्यकारी अध्यक्ष (Executive Chairman) के रूप में जुड़े रहेंगे।
कुक की उपलब्धि: उनके कार्यकाल में एप्पल का बाजार मूल्य आश्चर्यजनक रूप से बढ़कर 3.6 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुँच गया। भले ही उन्हें स्टीव जॉब्स जैसा नवोन्मेषी (Innovator) नहीं माना गया, लेकिन उन्होंने अपनी कुशलता से एप्पल को दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बना दिया।
भारत में संकट: एप्पल पर ₹3.56 लाख करोड़ के जुर्माने का खतरा
एक तरफ जहाँ कंपनी के नेतृत्व में बदलाव हो रहा है, वहीं दूसरी ओर भारत में एप्पल बड़ी कानूनी मुश्किलों में घिरती नजर आ रही है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने कंपनी के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है।
क्या है पूरा मामला?
- आरोप: एप्पल पर आरोप है कि उसने ऐप स्टोर मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति का गलत लाभ उठाया और डेवलपर्स को अपने 'इन-ऐप पेमेंट सिस्टम' के इस्तेमाल के लिए मजबूर किया, जो बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को रोकता है।
- जांच में देरी: नियामक (CCI) ने बताया कि एप्पल अक्टूबर 2024 से अपना वित्तीय डेटा साझा करने में आनाकानी कर रहा है। साथ ही कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में भारत के एंटीट्रस्ट कानून को चुनौती भी दी है।
- संभावित कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए CCI ने 21 मई को अंतिम सुनवाई की तारीख तय की है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो कंपनी पर उसके वैश्विक टर्नओवर के आधार पर 38 अरब डॉलर (लगभग 3.56 लाख करोड़ रुपये) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
हीट स्ट्रोक के खतरे को कम करता है कच्चा प्याज
Ministry of Home Affairs को मिला ‘प्रज्ञा’ सिस्टम, सुरक्षा में आएगी नई मजबूती
अहमदाबाद में बल्लेबाजी का सरेंडर: 100 रन की हार से खुश नहीं हेडन, खिलाड़ियों को दी चेतावनी।