बायजू से आकाश एजुकेशन के शेयरों की बिक्री रोकने को कहा!
नई दिल्ली । आर्थिक संकट और कुप्रबंधन के आरोपों का सामना कर रही एडटेक कंपनी बायजू को अब एक और झटका लगा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक बायजू ने 42 मिलियन डॉलर के ऋण की शर्तों का उल्लंघन किया है और एक मध्यस्थ ने उसे समूह फर्म के कुछ शेयर नहीं बेचने के लिए कहा है। साल 2022 तक बायजू भारत का सबसे बड़ा स्टार्टअप था, तब इसका मूल्य 22 अरब डॉलर था, लेकिन ऑडिटर के बाहर निकलने, नियामक जांच और इसके निवेशकों द्वारा कुप्रबंधन के लिए इसके सीईओ बायजू रवींद्रन को बाहर करने की मांग के बीच लगातार कंपनी की मुश्किलें बढ़ती गई। वर्तमान में कंपनी का मूल्य लगभग 25 करोड़ डॉलर है। कंपनी शुरुआत से ही अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज करती रही है। ताजा विवाद में, भारतीय अरबपति डॉ. रंजन पई के नेतृत्व वाली एमईएमजी फैमिली ऑफिस ने मार्च में बायजू ग्रुप की कंपनी, आकाश एजुकेशन के कुछ शेयरों के पूर्व-सहमत हस्तांतरण के माध्यम से 42 मिलियन डॉलर के ऋण का भुगतान नहीं करने के लिए बायजू के खिलाफ मध्यस्थता कार्यवाही शुरू की थी। सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर के नियमों के तहत नियुक्त एक मध्यस्थ ने बायजू को आकाश के 4 मिलियन शेयरों का निपटान नहीं करने का आदेश दिया है। ऋण समझौते के अनुसार यह पिछले साल के आधार पर यह 6 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है।
छत्तीसगढ़ के राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी… इस दिन से मिलेगा एक साथ 2 महीने का चावल
वनांचल में पक्के घरों की क्रांति: छिंदवाड़ा बना केंद्र सरकार का मॉडल जिला
बाबा महाकाल के दर्शन होंगे आसान, भोपाल-उज्जैन के बीच चलेंगी 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, जानिए रूट और शेड्यूल
सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव से असंगठित ज्वैलर्स की बिक्री में गिरावट, जानें क्या है वजह
बेरहम बाजार: क्या एआई निगल जाएगा भारत की आईटी कंपनियों का भविष्य? 4.5 लाख करोड़ रुपये हवा हुए, अब आगे क्या?