बुमराह या सेलेक्टर्स? पठान ने वर्कलोड को लेकर उठाए गंभीर सवाल
नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान ने हाल ही में जारी वर्कलोड मैनेजमेंट बहस पर अपनी राय रखी है। उनका मानना है कि जसप्रीत बुमराह जैसे खिलाड़ियों की फिटनेस का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, लेकिन किसी सीरीज के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा करना सही नहीं है। पठान ने बुमराह की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी टीम की सफलता में अहम भूमिका निभाती है। उनकी गेंदबाजी में वो धार है जो मैच का रुख बदल सकती है। यही कारण है कि टीम मैनेजमेंट को उनकी फिटनेस और वर्कलोड पर लगातार नजर रखनी चाहिए।
'सीरीज के बीच वर्कलोड पर चर्चा बेकार'
पठान ने सोनी स्पोर्ट्स से बातचीत में कहा, 'जसप्रीत बुमराह भारतीय टीम के लिए एक खजाना हैं। उनका सही ढंग से ख्याल रखना बहुत जरूरी है, लेकिन जैसे ही कोई सीरीज शुरू होती है, उस दौरान वर्कलोड मैनेजमेंट पर चर्चा नहीं होनी चाहिए। सीरीज के बीच वर्कलोड मैनेजमेंट पर सोचने से मनचाहे नतीजे नहीं मिल पाएंगे।'
पठान ने दिया कमिंस का उदाहरण
इरफान पठान ने ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, 'पैट कमिंस ने पहले ही अपने वर्कलोड को मैनेज करना शुरू कर दिया है। वह एशेज से पहले कुछ सीरीज में हिस्सा नहीं लेंगे। लेकिन जैसे ही एशेज शुरू होगी, तब सवाल यह होगा कि क्या पैट कमिंस अब भी अपने वर्कलोड को मैनेज करेंगे या फिर सीरीज जीतने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे?'
धोनी को लेकर बयान की वजह से चर्चा में
पठान आजकल अपने कई बयानों को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने धोनी को लेकर बयान काफी वायरल हुआ था। 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से अचानक गायब होने वाले इरफान ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि उस वक्त उनकी स्थिति को सही तरीके से संभाला नहीं गया। अक्सर माना जाता है कि चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के अलावा तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका भी इसमें अहम रही।
जब धोनी से पूछा सवाल तो मिला ये जवाब
इरफान ने स्पोर्ट्स तक को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि 2008 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान मीडिया में खबरें आई थीं कि धोनी उनकी गेंदबाजी से खुश नहीं हैं। इस पर इरफान ने खुद जाकर धोनी से पूछा था। इरफान ने कहा, 'हां, मैंने पूछा था। मीडिया में बयान आया था कि इरफान अच्छी गेंदबाजी नहीं कर रहे। मुझे लगा कि मैंने तो सीरीज में अच्छा प्रदर्शन किया है, तो मैंने माही भाई से जाकर बात की। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, सब ठीक चल रहा है। जब कप्तान खुद कह दे, तो आप भरोसा कर लेते हैं। अगर बार-बार स्पष्टीकरण मांगो, तो अपनी इज्जत पर असर पड़ता है।'
'हुक्का लगाने की आदत नहीं'
इरफान ने धोनी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें कप्तान को खुश करने की आदत नहीं थी। उन्होंने कहा, 'मेरी आदत नहीं है कि मैं किसी के कमरे में हुक्का लगाऊं या खुशामद करूं। सब जानते हैं। कभी-कभी चुप रहना बेहतर होता है। एक खिलाड़ी का असली काम मैदान पर प्रदर्शन करना है और मैं उसी पर ध्यान देता था।'
अचानक करियर का अंत हुआ
इरफान पठान ने 2012 में आखिरी वनडे खेला था, जिसमें उन्होंने पांच विकेट भी झटके थे। इसके बावजूद उन्हें दोबारा टीम में जगह नहीं मिली और उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अचानक थम गया। इरफान पठान ने जब भारतीय टीम में एंट्री की थी, तब लोग उनके पेस और स्विंग को देखकर हैरान रह गए थे। इरफान ने शुरुआती दौर में दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाजों को अपने स्विंग से परेशान किया। टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले वह भारत के पहले तेज गेंदबाज बने थे। हालांकि, 2007 टी20 विश्व कप के बाद इरफान धीरे-धीरे भारतीय क्रिकेट से गायब होने लगे और एक वक्त ऐसा आया, जब आईपीएल में भी कोई टीम उन्हें खरीदने को तैयार नहीं हुईं।
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