चेन्नई । 14वें मैच में बुधवार को सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब किंग्स को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। पंजाब की टीम इस सीजन में अपने 4 में से 3 मैच हार चुकी है। टीम के लिए पहला मैच छोड़कर कुछ भी अच्छा नहीं हुआ है। जिस डेथ ओवर बॉलिंग के लिए फ्रेंचाइजी ने जे रिचर्ड्सन और राइली मेरिडिथ को खरीदा था, उसमें भी टीम अच्छा नहीं कर सकी। इस मैच में कप्तान लोकेश राहुल ने इन दोनों बॉलर्स को आराम दिया। पर इससे गेंदबाजी और ज्यादा कमजोर हो गई।  वहीं, बैटिंग का पूरा दारोमदार राहुल और मयंक अग्रवाल पर टिका हुआ है। इन दोनों के आउट होते ही पूरी टीम ढह गई। मिडिल ओवर में बल्लेबाजी करने वाले निकोलस पूरन 4 मैच में तीसरी बार शून्य पर आउट हुए।
मिडिल ऑर्डर बल्लेबाजों का खराब फॉर्म
पंजाब के कप्तान राहुल इस सीजन में टीम के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने 4 मैच में 161 रन बनाए हैं। वहीं, मयंक ने 4 मैच में 105 रन बनाए हैं। हैदराबाद के खिलाफ राहुल 4 और मयंक 22 रन ही बना सके। इसके बाद मिडिल ऑर्डर के बाकी 4 बल्लेबाज क्रिस गेल, निकोलस पूरन, दीपक हूडा और मोइसेस हेनरिक्स मिलकर 42 रन ही बना सके। यही कारण रहा कि टीम 120 रन ही बना सकी।
निकोलस पूरन लगातार चौथे मैच में फेल रहे
विंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज पूरन लगातार चौथे मैच में फेल रहे। पूरन इस सीजन में 4 मैच में से तीसरी बार शून्य पर आउट हुए। इससे पहले वे राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ भी शून्य पर आउट हुए थे। वहीं, दिल्ली के खिलाफ उन्होंने 9 रन बनाए थे। पिछले सीजन में पूरन, राहुल और मयंक के बाद टीम के तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। उन्होंने 12 मैच में 353 रन बनाए थे।
पंजाब के पास स्पेशलिस्ट स्पिनर की कमी
हैदराबाद की टीम में राशिद खान ने कसी हुई बॉलिंग की। इसका फायदा टीम के दूसरे स्पिनर अभिषेक शर्मा को मिला। उन्होंने दीपक हूडा और मोइसेस हेनरिक्स को चलता किया। पंजाब की टीम में इसकी कमी दिखी। टीम बार-बार मुरुगन अश्विन को मौका दे रही है, जबकि वे अब तक कुछ खास नहीं कर सके और 3 मैच में 1 विकेट ही लिया। टीम के लिए पिछले सीजन में सबसे ज्यादा 12 विकेट लेने वाले स्पिनर रवि बिश्नोई को अब तक मौका नहीं मिला है।
मोहम्मद शमी के पार्टनर की कमी
IPL में देखा गया है कि छोटे टारगेट को चेज करना हमेशा मुश्किल होता है। चेन्नई में इस मैच से पहले तक 7 मैच में सिर्फ 2 मैच में बाद में बैटिंग करने वाली टीम जीती थी। ऐसे में मोहम्मद शमी को एक ऐसे पार्टनर की जरूरत थी, जो पहले ओवर से दबाव बना सके। रिचर्ड्सन और मेरिडिथ की गैरमौजूदगी में अर्शदीप सिंह और हेनरिक्स यह रोल निभाने में नाकाम रहे। टीम में शमी के अलावा भारत का कोई और सीनियर तेज गेंदबाज नहीं है।
हैदराबाद टीम में विलियम्सन की वापसी से राहत
केन विलियम्सन की वापसी से टीम को राहत मिली। इससे टॉप ऑर्डर में डेविड वॉर्नर और जॉनी बेयरस्टो पर से दबाव कम होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि पिछले 3 मैच में इन दोनों के आउट होने से पूरी टीम कम स्कोर पर आउट हो जा रही थी। इस मैच में वॉर्नर और बेयरस्टो ने अच्छी पारी खेली। इसके बाद विलियम्सन ने प्ले मेकर की भूमिक निभाई।