• रविवार दोपहर को मौत, सोमवार सुबह वार्ड में पहुंचा तब पता चला
  • मृतक के बेटे का अस्पताल प्रबंधन पर शव सुपुर्द करने में लापरवाही का भी आरोप

संभाग के सबसे बड़े कोविड सेंटर मेडिकल काॅलेज अस्पताल में कोरोना से मरीज की मौत के बाद परिजनों को इसकी जानकारी देने में लापरवाही का मामला सामने आया है। मरीज का बेटा रविवार की रात का खाना भी अस्पताल में पहुंचाने गया लेकिन डयूटी में रहे कर्मचारियों ने बताने की जरूरत नहीं समझी। उन्होंने मरीज का खाना भी यह कह कर रखवा लिया कि कुछ समय बाद वार्ड में पहुंच जाएगा।

मरीज का मोबाइल बंद होने से बेटे की उससे बात नहीं हो पाई। घटना के बारे में तब पता चला जब बिश्रामपुर सतपता निवासी पुत्र सोमवार को नाश्ता लेकर आया और पीपीई किट पहनकर पिता को देखने आईसीयू में पहुंचा। वहां उसके पिता नहीं थे। पूछताछ में पता चला उसके पिता की रविवार को दोपहर में मौत हो गयी है। शव मरच्यूरी में रखवा दिया गया है। अस्पताल से इस तरह का जवाब मिलने से बेटा आवाक रह गया। उसने अस्पताल प्रबंधन पर मौत के बाद भी जानकारी न देने व शव को सुपुर्द करने में लापरवाही का आरोप लगाया है। मृतक का शव सोमवार को दोपहर तक नहीं मिल पाया था।

मरीज को 12 दिन पहले कराया गया था भर्ती
मृतक के पुत्र ने बताया कि कोरोना से पिता की तबीयत खराब होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 20 अप्रैल को भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर बाद में डाॅक्टरों ने पिता को आईसीयू में भर्ती कर दिया। यहां इलाज चलता रहा। फोन पर भी उनसे बातचीत होती रही। बीच में जाकर उनसे मुलाकात भी करते थे। रविवार को दोपहर बाद उनका मोबाइल बंद बताने लगा था।

मौत की सूचना देने में देरी कैसी हुई, जांच कराएंगे
सीएमएचओ ने कहा कि भर्ती मरीज को लेकर शासन से एक प्रोटोकॉल है। हम उसी के तहत शव परिजन को सौंपते हैं। इसमें एसडीएम से अनुमति लेनी पड़ती है। इसमें थोड़ा समय लगता है। मरीज की मौत होने पर भी परिजन को तुरंत सूचना दी जाती है, ताकि वे शव लेने दावा करें और हम आगे की कार्रवाई करें। इस मामले में सूचना देने में देरी कैसे हुई , इसकी जांच कराई जाएगी, कोई लापरवाही पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।

दूसरे दिन 18 प्लस के 421 को लगा कोरोना का टीका, फिर 19 डोज हो गए बर्बाद
सरगुजा जिले में 18 साल से अधिक उम्र के अंत्योदय परिवार के सदस्यों के वैक्सिनेशन में दूसरे दिन तेजी आई, लेकिन डोज बर्बाद होने का सिलसिला भी जारी है। सोमवार को जिले के 10 केंद्रों में दिनभर में 421 लोगों को वैक्सीन लगाई गई। जबकि खुली वायल में 19 डोज टीका बचने से खराब हो गए। सबसे ज्यादा अंबिकापुर में 206 लोगों को टीका लगा है। रविवार को जिले में सिर्फ 273 लोगों को ही टीका लग पाया था। सेंटरों में कम लोगों के पहुंचने से सिस्टम पर सवाल उठ रहा है। एक सेंटर में एक दिन में 100 लोगों को टीका लगाने का टारगेट है। इसके लिए संसाधन भी पर्याप्त हैं।

सरगुजा में 24 घंटे में काेराेना के 617 नए मरीज मिले, इलाज शुरू
लॉकडाउन में लोग बीते 20 दिनों से बाहर नहीं निकल रहे हैं, लेकिन कोरोना के केस की रफ्तार में कमी आती नहीं दिख रही है। 5 से 6 सौ के आसपास अभी भी हर रोज मरीज मिल रहे है। संक्रमण कहां से कैसे फैल रहा है पता नहीं चल रहा है। सोमवार को सरगुजा जिले में 617 नए मरीज मिले हैं। बीते 30 दिनों में जिले में 8 हजार के करीब मरीज मिल चुके हैं। हालांकि की अब मरीज तेजी से स्वस्थ भी हो रहे हैं। इससे कुछ राहत की उम्मीद है।

मेडिकल कॉलेज से अब तक 1948 हो चुके ठीक
मेडिकल काॅलेज अस्पताल से सोमवार को 6 लोगों को डिस्चार्ज कर घर भेजा गया। इनमें से अस्पताल में अब तक कोरोना के 2430 मरीजाें काे भर्ती किया जा चुका है। जिसमें से 1948 लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं। कोरोना की दूसरी लहर में अस्पताल में रोज काफी संख्या में नए मरीज भी भर्ती हो रहे हैं। इससे यहां बेड बढ़ने के बाद भी जगह कम पड़ रही है।

अस्पताल में 12 घंटे में कोरोना से दाे की मौत
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सोमवार को 12 घंटे के भीतर कोरेाना के दो मरीजों की माैत हो गई। अंबिकापुर नवागढ़ निवासी 55 वर्षीय एक व्यक्ति को 1 मई को भर्ती कराया गया था। 3 मई की सुबह उसकी मौत हो गई। अंबिकापुर निवासी 43 साल के एक युवक को 29 अप्रैल को भर्ती कराया गया। 3 मई को उसकी मौत हो गई। अब तक 209 की मौत हो चुकी है।