आचार्य विद्यासागर के तप और त्याग से मिलेगी समाज को नई दिशा : मंत्री पटेल
भोपाल : पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल बैरसिया (भोपाल) स्थित विद्यासागर गुरुकुल में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने परम पूज्य आचार्य विद्यासागर महाराज की दिव्य प्रतिमा का अनावरण किया और गुरुकुल परिसर में हथकरघा केंद्र का उद्घाटन भी किया।
संस्कार, स्वावलंबन और सेवा का केंद्र
मंत्री पटेल ने कहा कि आचार्य विद्यासागर महाराज के तप, त्याग एवं साधना से प्रेरित यह पावन स्थल समाज को संस्कार, स्वावलंबन और सेवा की दिशा में निरंतर अग्रसर करेगा। उन्होंने हथकरघा को आत्मनिर्भरता और कौशल के संगम के रूप में परिभाषित किया।
सदाचार और नैतिकता पर गहरा चिंतन
मंत्री पटेल ने नैतिकता और सदाचार के सूक्ष्म अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "नैतिकता समाज की एक बाहरी व्यवस्था है, जिसके तहत हम नियमों का पालन करते हैं, लेकिन सदाचार आत्मा की व्यवस्था है। यदि व्यक्ति संस्कारवान और सदाचारी है, तो वह स्वतः ही नैतिक होगा। केवल सार्वजनिक प्रदर्शन से कोई व्यक्ति भीतर से शुद्ध नहीं हो जाता, इसके लिए आत्मिक संस्कार अनिवार्य हैं।
कौशल और धर्म का मानवीय पक्ष
मंत्री पटेल ने 'कौशल' को नई परिभाषा देते हुए कहा कि जो कौशल केवल धनार्जन के लिए है वह अधूरा है। वास्तविक कौशल और धर्म वह है, जो किसी संकटग्रस्त या अपरिचित व्यक्ति की रक्षा के काम आए। उन्होंने विश्वास जताया कि इस गुरुकुल के बच्चे शारीरिक और चारित्रिक रूप से सशक्त होकर सांस्कृतिक चेतना के ध्वजवाहक बनेंगे।
सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम
पटेल ने भारत की बढ़ती आर्थिक शक्ति (विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था) का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी असली चुनौती धन नहीं, बल्कि अपनी प्राचीन सनातन व्यवस्था और संस्कारों का संरक्षण है। उन्होंने इस आयोजन को आत्मिक शांति और सांस्कृतिक चेतना का एक अद्भुत अनुभव बताया।
मंत्री पटेल ने इस पवित्र स्थान के दर्शन और आचार्य की प्रतिमा के अनावरण का अवसर देने के लिए आयोजकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने योग प्रदर्शन किया एवं संगीतमय भजन की प्रस्तुति भी हुई। मंत्री पटेल ने गौ माता को ग्रास भी खिलाया।
विशिष्ट जनों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर बैरसिया विधायक विष्णु खत्री, पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा, श्रीमती मंजू पाटनी, जयपुर के प्रसिद्ध समाजसेवी उत्तमचंद पाटनी, पूर्व आईएएस सुरेश चंद जैन एवं ब्रह्मचारी विनय सागर महाराज सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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