वेनेजुएला ऑपरेशन में सीक्रेट सोनिक वेपन के उपयोग से रूस और चीन का बढ़ा टेंशन
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए किए गए सैन्य ऑपरेशन में अमेरिकी सेना ने एक अत्यंत गुप्त सोनिक हथियार (ध्वनि हथियार) का इस्तेमाल किया था। एक टेलीविजन कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने इस हथियार के विवरण को गोपनीय रखते हुए इसके प्रभाव को ‘अद्भुत’ और ‘अकल्पनीय’ बताया। ट्रंप के इस बयान ने न केवल वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है, बल्कि रूस और चीन जैसे देशों को भी गहरे तनाव और अलर्ट मोड पर ला खड़ा किया है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अमेरिका के पास आज ऐसी सैन्य तकनीक और हथियार मौजूद हैं, जिनके बारे में बाकी दुनिया कल्पना तक नहीं कर सकती।
इस रहस्यमय हथियार को लेकर अटकलें उसी समय से लगाई जा रही थीं, जब व्हाइट हाउस की ओर से मादुरो के ठिकाने पर हुए हमले के विवरण साझा किए गए थे। बताया गया था कि ऑपरेशन के दौरान वेनेजुएलाई सैनिकों को अचानक ऐसी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ा जो सामान्य युद्ध में नहीं देखी जातीं। चश्मदीदों के अनुसार, जैसे ही वह गुप्त डिवाइस सक्रिय की गई, हवा में एक तेज लहर जैसी आवाज गूंजी, जिसने सैनिकों के मानसिक और शारीरिक संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ दिया। हमले की चपेट में आए कई सैनिकों की नाक और मुंह से खून बहने लगा, उन्हें भीषण उल्टियां होने लगीं और ऐसा महसूस हुआ मानो उनका सिर अंदर से फट रहा हो। गवाहों के मुताबिक, सैनिक खड़े रहने की स्थिति में भी नहीं थे और बेसुध होकर जमीन पर गिर पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोनिक वेपन बेहद उच्च तीव्रता वाली ध्वनि तरंगों का उपयोग करते हैं। ये तरंगें मानव शरीर के आंतरिक अंगों, विशेषकर कानों और मस्तिष्क के संतुलन केंद्र पर सीधा प्रहार करती हैं। इससे व्यक्ति को भारी भ्रम, संतुलन बिगड़ना, असहनीय सिरदर्द और कभी-कभी अंगों के फटने जैसी गंभीर स्थिति का सामना करना पड़ता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों में इन हथियारों पर कोई सीधा प्रतिबंध नहीं है, लेकिन इनके दीर्घकालिक स्वास्थ्य प्रभावों को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने चिंता जताई है। वेनेजुएला के आंतरिक मंत्री के दावों के अनुसार, इस ऑपरेशन में लगभग सौ लोगों की मौत हुई है, और अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि इनमें से कितनी मौतें सीधे तौर पर इस ध्वनि हथियार के कारण हुईं।
ट्रंप के इस कबूलनामे के बाद क्रेमलिन (रूस) ने अपनी विशेष एजेंसियों को सक्रिय कर दिया है। रूस अब इस नई तकनीक की वास्तविकता और इसकी काट खोजने की कोशिश में जुटा है। दूसरी ओर, ट्रंप ने इस पूरे सैन्य ऑपरेशन को जायज ठहराते हुए कहा कि निकोलस मादुरो अमेरिका की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस सैन्य कार्रवाई के बाद अब अमेरिका वेनेजुएला के विशाल तेल क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और विकास में सक्रिय भूमिका निभाएगा। ट्रंप ने नए वेनेजुएला का विजन पेश करते हुए कहा कि इस बदलाव से न केवल दक्षिण अमेरिका में स्थिरता आएगी, बल्कि अमेरिका को भी इसका बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा। फिलहाल, दुनिया भर की सैन्य एजेंसियां अब उस गुप्त गूंज के पीछे के विज्ञान को समझने की कोशिश कर रही हैं जिसने एक सत्ता का तख्तापलट कर दिया।
मसाला क्षेत्र विस्तार योजना: मसाले की खेती ओर बढ़ रहा किसानों का रूझान
पश्चिम एशियाई संकट के बीच उर्वरक आपूर्ति सुनिश्चित करने में जुटी सरकार
वर्तमान समय जनजातीय समाज के विकास का अभूतपूर्व काल- राज्यपाल पटेल
धर्म नगरी वाराणसी में 3 से 5 अप्रैल तक होगा महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य का ऐतिहासिक मंचन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
CISF Constable Recruitment Dispute: Supreme Court Dismisses Central Government's Petition