ट्रंप बोले- ईरान की तरफ सेना भेजी है, उधर से जवाब आया होश में रहें श्रीमान… उंगलियां ट्रिगर पर हैं
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आए दिन किसी न किसी देश को धमका रहे हैं। उनकी नीतियों ने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा दी। ईरान को धमकाते हुए कह दिया कि बड़ी सेना ईरान की तरफ भेजी। ट्रंप का इतना कहना ही था कि उधर से जवाब आया कि होश में रहे श्रीमान… इधर उंगलियां ट्रिगर पर हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने अमेरिका को चेतावनी दी कि उनकी उंगलियां ट्रिगर पर ही हैं। ईरानी गार्ड्स कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपुर ने इजरायल और अमेरिका को चेतावनी दी कि ऐतिहासिक अनुभवों और पिछले साल हुए युद्ध से उन्हें सीख लेनी चाहिए ताकि उन्हें कोई भी गलतफहमी ना हो और उससे भी अधिक दर्दनाक और हश्र का सामना न करना पड़े। उन्होंने लिखित बयान में कहा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और डियर ईरान की उंगली ट्रिगर पर ही है। वे पहले से कहीं अधिक तैयार है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहकर हलचल मचा दी है कि एक बहुत बड़ी सेना ईरान की ओर बढ़ रही है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटते समय, ट्रंप ने एयर फॉर्स वन पर पत्रकारों से कहा कि अमेरिका सिर्फ एहतियात के तौर पर ईरान की ओर एक विशाल बेड़ा भेज रहा है। उन्होंने कहा, मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो लेकिन हम उन पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं। इससे पहले दोनों देशों के बीच धमकियों का दौर जारी है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की धमकी के बाद बीते मंगलवार को कहा है कि अगर ईरान ने उनकी हत्या कराई तो अमेरिका ईरान का नामोनिशान मिटा देगा। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा, मेरे बहुत सख्त निर्देश हैं कि अगर कुछ होता है तो वे उन्हें नक्शे से मिटा देंगे। इससे पहले ईरान ने ट्रंप को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई करने पर चेतावनी दी थी। ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबुलफजल शेकारची ने कहा, ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की ओर हाथ भी बढ़ाया गया तो हम न केवल उस हाथ को काट देंगे बल्कि उनकी दुनिया में आग लगा देंगे। बता दें कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका सहित कई देशों ने एक आतंकवादी संगठन के रूप में चिन्हित किया है और इस पर प्रतिबंधित भी लगाए गए हैं। ईरान में जारी हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा क्रूरता की खबरें सामने आई हैं। इस बीच एक अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी, जो ईरानी संयुक्त कमान मुख्यालय का नेतृत्व करते हैं, ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो अमेरिका के सभी ठिकाने ईरान के सशस्त्र बलों के लिए वैध लक्ष्य होंगे।
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