नई दिल्ली। सड़क परिवहन मंत्रालय ने मोटर वाहन नियमों में एक नया संशोधन किया है। अब यदि कोई चालक एक साल के अंदर 5 या उससे ज्यादा बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित या रद्द किया जा सकता है। मंत्रालय की बुधवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक यह नया नियम 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इसके मुताबिक लाइसेंस निलंबित करने का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) या जिला परिवहन अधिकारी के पास होगा। लाइसेंस रद्द करने से पहले संबंधित अधिकारी को लाइसेंस धारक का पक्ष सुनना अनिवार्य होगा। पिछले साल के अपराधों को अगले साल की गिनती में नहीं जोड़ा जाएगा यानी हर साल की गिनती नए सिरे से होगी।
मीडिया रिपोर्ट में मंत्रालय के मुताबिक अब तक केवल 24 गंभीर मामलों जैसे गाड़ी की चोरी, अपहरण, तेज रफ्तार या ओवरलोडिंग में ही लाइसेंस रद्द करने का प्रावधान था, लेकिन अब नए नियम के बाद अब हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना और रेड लाइट जंप करना जैसे नियमों को पांच बार तोड़ने पर भी आपका लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। अधिसूचना में चालान की प्रक्रिया को भी स्पष्ट किया गया है। वर्दीधारी पुलिस अधिकारी या अधिकृत अधिकारी चालान जारी कर सकेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक सीसीटीवी के जरिए ऑटो-जेनरेटेड ई-चालान भी भेजे जाएंगे। चालक को 45 दिनों के अंदर चालान भरना होगा या उसे कोर्ट में चुनौती देनी होगी। यदि 45 दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो माना जाएगा कि चालक ने अपनी गलती मान ली है। इस कानून को लेकर विशेषज्ञों के बीच बहस छिड़ गई है। कुछ का मानना है कि इससे सड़क सुरक्षा बढ़ेगी, वहीं कुछ इसे दमनकारी बता रहे हैं। पूर्व डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर अनिल छिकारा ने इसे सही दिशा में उठाया कदम बताया, लेकिन यह भी कहा कि सीसीटीवी कैमरों से होने वाले चालान अक्सर विवादों में रहते हैं और इसके लिए एक ठोस मानक प्रक्रिया की जरूरत है।