केन्द्र सरकार ने मंजूर किया प्रोजेक्ट, अगले डेढ़ से दो साल में तैयार हो जाएगा अनूठा मॉल
300 करोड़ का भव्य यूनिटी मॉल बनेगा


भोपाल। केन्द्र सरकार हर राज्य में एक-एक यूनिटी मॉल निर्मित करवा रहा है, जहां देशभर के राज्यों से लेकर जिलों के शोरूम रहेंगे और उसमें वहां के प्रसिद्ध उत्पादों का विक्रय किया जाएगा। जिस तरह से निजी क्षेत्र द्वारा भव्य शॉपिंग मॉल बनवाए जाते हैं उसी तर्ज पर यह यूनिटी मॉल बनेगा और अभी पिछले ही दिनों केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश में बनने वाले यूनिटी मॉल को मंजूरी दे दी है और यह मॉल उज्जैन में निर्मित किया जाएगा, जिस पर लगभग 300 करोड़ रुपए की राशि खर्च होगी। यह पूरा पैसा भी केन्द्र सरकार द्वारा ही दिया जाएगा। महाकाल लोक के बाद उज्जैन को यह दूसरी बड़ी सौगात मिली है। अगले डेढ़ से दो वर्षों में इसका निर्माण पूरा हो जाएगा, क्योंकि जमीन तो सरकारी है और पैसा भी केन्द्र देगा, जिसके चलते ड्राइंग-डिजाइन फाइनल होने, टेंडर प्रक्रिया के बाद तुरंत काम शुरू हो जाएगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण इस भव्य मॉल का निर्माण करेगा, जिसके लिए हरि फाटक के पास लगभग 3 लाख 20 हजार स्क्वेयर फीट जमीन चिन्हित की गई है, जहां पर साढ़े 4 लाख स्क्वेयर फीट निर्मित क्षेत्र यानी मॉल का बिल्टअप एरिया रहेगा।
अभी पिछले ही दिनों केन्द्र सरकार ने मध्यप्रदेश को मेगा टेक्सटाइल पार्क की भी सौगात दी, जो धार जिले में लगभग 2 हजार एकड़ जमीन पर बनने जा रहा  है। उसी तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुछ समय पूर्व यूनिटी मॉल के कांसेप्ट को घोषित किया, जिसके पीछे मकसद यह है कि इस तरह के यूनिटी मॉल देश के सभी राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश में निर्मित किए जाएं, जहां पर इन राज्यों के साथ-साथ उसके जिलों के जो प्रसिद्ध उत्पाद हैं, चाहे वह गारमेंट, एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग या अन्य किसी भी क्षेत्र के हों, उसका प्रदर्शन और विक्रय किया जा सके। जिस तरह शॉपिंग मॉलों में बड़े-बड़े भव्य शोरूम होते हैं, उसी तरह राज्यों और जिलों के शोरूम होंगे, जिनमें वहां के प्रसिद्ध उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जाएगा। वैसे तो केन्द्र सरकार द्वारा यूनिटी मॉल के लिए 80-90 करोड़ रुपए की राशि दी जाती है, मगर उज्जैन में बनने वाले विशाल और भव्य यूनिटी मॉल के लिए तीन गुना से अधिक राशि मंजूर की गई है। यानी इस पर 280 से लेकर 300 करोड़ रुपए तक खर्च होंगे। एक जिला-एक उत्पाद के साथ-साथ जीआई टैग, हस्तशिल्प उत्पादों, मिलेट यानी मोटे अनाज को प्रोत्साहन देने के साथ अत्याधुनिक उत्पादों का भी विक्रय इस मॉल में होगा।
महाकाल लोक से बढ़े श्रद्धालु
अभी उज्जैन में बने महाकाल लोक के कारण औसतन 50 हजार से लेकर एक लाख लोगों की आवाजाही बढ़ गई है, जिसके चलते यह एक और बड़ी सौगात  मिली है। उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्याम बंसल का कहना है कि यह हमारा सौभाग्य है कि केन्द्र सरकार ने यूनिटी मॉल निर्माण के लिए मध्यप्रदेश की धार्मिक राजधानी उज्जैन को चुना। यहां बड़ी संख्या में देसी-विदेशी श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आते हैं। वहीं कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया कि अभी लगातार हुई बैठकों के बाद यूनिटी मॉल को लेकर चर्चा की गई। मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स और उद्योग विभाग ने इसे मंजूरी दी है और डेवलपमेंट एजेंसी के रूप में यूडीए का चयन किया गया है। ड्राइंग-डिजाइन से लेकर इस यूनिटी मॉल को लेकर अन्य तैयारियां भी अंतिम चरण में है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया और उसके बाद कार्यादेश होते ही मॉल का निर्माण शुरू हो जाएगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ और महाकाल मंदिर के प्रशासक संदीप सोनी का कहना है कि महाकाल लोक से थोड़ी ही दूरी पर हरि फाटक के पास होटल इम्पीरियल के पास मौजूद 3 लाख स्क्वेयर फीट जमीन पर इस यूनिटी मॉल का निर्माण होगा, जिसमें लगभग साढ़े 4 लाख स्क्वेयर फीट का बिल्टअप एरिया मिलेगा। होटल, मल्टीप्लेक्स, फूड जोन, गेम जोन के साथ सभी तरह की सुविधाएं तो रहेंगी ही, वहीं 36 राज्यों के साथ-साथ मध्यप्रदेश के भोपाल सहित सभी 52 जिलों के उत्पादों के लिए भी एक-एक शोरूम रहेंगे। विशाल पार्किंग, गार्डन, कन्वेंशन सेंटर के साथ हेरिटेज लुक में यह यूनिटी मॉल निर्मित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इंदौर की जानी-मानी आर्किटेक्ट फर्म नाइन स्क्वेयर ने इसका कंसेप्ट, ड्राइंग-डिजाइन तैयार की है, जो कि छप्पन दुकान सहित इंदौर के हेरिटेज मंदिरों सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक कर चुकी है।